Wednesday, 14 December 2016

एजाज़ असकरी ईमानदार और कर्मठ कर्मचारी--प्रमुख सचिव राजस्व अरविन्द कुमार।

लखनऊ। प्रमुख सचिव राजस्व उत्तर प्रदेश शासन श्रीअरविन्द कुमार (आई ०ए०एस) ने कहा कि सयैद एजाज़ असकरी एक ईमानदार और कर्मठ कर्मचारी रहे जो मौजूदा वक़्त में हम सभी के लिए एक मिसाल हैं। अशोक मार्ग, हज़रतगंज स्थित चकबंदी निदेशालय (इंदिरा भवन) में आयोजित चकबंदी आयुक्त के पी०ए० पद से सेवानिवृत श्री असकरी के सम्मान समारोह में बोलते हुये श्री कुमार ने कहा की बतौर चकबंदी आयुक्त  कम ही समय में इनकी कार्यशैली ने मुझे प्रभावित किया। निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुये बीते समय के अनुभव बताये। अपर संचालक सुरेश यादव,सयुंक्त संचालक रविन्द्र दुबे, वित्त नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव, चकबंदी अधिकारी परवेज़ अख़्तर अंसारी आदि अधिकारी/कर्मचारियों ने सम्मान समारोह को संबोधित किया। उपस्थित सभी लोगों ने माल्यार्पण भी किया। अंत में प्रमुख सचिव/चकबंदी आयुक्त ने पूरे स्टाफ की तरफ से उन्हें उपहार भी दिया। मीटिंग हाल में चले इस सम्मान समारोह से भाव विभोर श्री एजाज़ असकरी ने सभी को ह्रदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

Sunday, 11 December 2016

आज़मी ट्रस्ट ने किया गरीबों में रजाई वितरण।

जौनपुर। गत वर्षों की तरह इस साल भी डॉ ए०यू ०आज़मी मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वाधान में अटाला मस्जिद के पीछे रज़ाई वितरण कैम्प का आयोजन किया गया।जिसमे शहर के लगभग हर मोहल्ले के 700 लोगों को रज़ाई वितरण किया गया। ट्रस्ट के मुखिया कमाल आज़मी आवाहन किया कि प्रदेश के गरीबों के हालात को सुधारने के लिए लोगों को आगे आकर स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर काम करना चाहिए। रज़ाई वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि भानु चंद गोस्वामी ने ट्रस्ट द्वारा किये जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा किया।कार्यक्रम के विशिस्ट अतिथि अतुल कुमार सक्ससेना एस०पी० जौनपुर ने भी इस पुनीत कार्य की तारीफ किया। कार्यक्रम को सरदार हुसैन बबलू, जयप्रकाश सिंह एडवोकेट आदि ने संबोधित किया। संचालन मज़हर आसिफ ने किया।अंत में ट्रस्ट के संरक्षक अतीकुररहमान आज़मी ने मुख्य अतिथि, विशिस्ट अतिथि तथा आये हुये सभी मेहमानो का शुक्रिया अदा किया।

Monday, 21 November 2016

दरिया के बीचो-बीच कर्बला के प्यासों का मातम।

जौनपुर। शीराज़े-हिन्द जौनपुर बेशक अज़ादारी का मरकज़ है। न जाने कितने तारीख़ी जुलूस, इमामबारगाह, मजलिसों को ये अपने दामन में समेटे है। इसी सिलसिले का एक तारीख़ी और अपने किस्म का अनूठा जुलूस गोमती नदी के किनारे अली घाट पर अंजुमन सज्जादिया के ज़ेरे एहतेमाम पूरी शानो-शौकत के साथ मनाया जाता है 20 सफ़र को हज़रत इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन जिसे दरिया के अलम के नाम से मक़बूलियत हासिल है। हज़ारों की तादाद में मर्दों, औरतों और मौजूदगी के बीच मजलिस को ख़िताब किया मौलाना महफूज़ खान साहब ने किया। पहली तक़रीर मौलाना हसन अकबर ने, दरमियानी रज़ी बिस्वानी और आख़री तक़रीर डॉ क़मर अब्बास ने किया। नेज़ामत असलम नक़वी साहब ने बख़ूबी किया। मेहँदी आब्दी और बाबू ने सभी ज़ायरीन का अंजुमन सज्जादिया की जानिब से इस्तेकबाल किया। ऐसा पुर कशिश मंज़र की कर्बला की याद ताज़ा हो जाय। बाद ख़त्म मजलिस ज़ुल्जना, अलम का दरिया में जाना हुसैनी जवानों का दरिया के बीचो-बीच मातम और फिर मातमी अंजुमन का दरिया से निकलते वक़्त मौला अब्बास का अलम और जनाबे सकीना के ताबूत का मिलना और हज़ारों की तादाद में मौजूद हुसैनियो के बीच रोने-पीटने का कोहराम बरपा होना। ऐसा मंज़र शायद पूरी दुनिया में कहीं हो। दरिया के पूरे एक हिस्से और अली घाट पर चारों तरफ बस या हुसैन, या हुसैन और हुसैनी मातम दारों का हुजूम। जिसने भी एक बार इस मंज़र को देखा वो कभी भूल नहीं सकता। इतना ही नहीं अंजुमन, तंजीमों और मोहल्ले वालों की तरफ से पानी, चाय की सबील खाने का इफरात इंतेज़ाम भी क़ाबिले ज़िक्र है।

Tuesday, 13 September 2016

चौकाने वाली ख़बर। पूर्व सांसद धनजंय सिंह की बसपा में वापसी नहीं।

अभी पूर्व सांसद धनंजय सिंह की बसपा में वापसी की ख़बर को अभी एक पखवारा भी नहीं बीता था की आज चौकाने वाली ख़बर आयी। देखते-देखते सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल हुई कि ज़ोनल कोऑर्डिनेटर बसपा राजकुमार कुरील ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पूर्व सांसद धनजंय सिंह को बसपा में नहीं लिया गया है और न ही वो किसी विधानसभा हल्के से उम्मीदवार हैं।विधान सभा का टिकट प्रत्याशियों का बरक़रार रहेगा। ज़िले के लोगों ने इस खबर की पुष्टि के लिए एक दूसरे को फोन करना शुरू किया। बेशक समर्थकों में मायूसी और गुस्सा दोनों है। और ये मौजूदा राजनीति की बड़ी और हैरतअंगेज़ खबर भी। लोग इस खबर की सच्चाई और इसके पीछे के सच को लेकर काफी पशोपेश में रहे। वैसे पूरा सच और खबर अगर सच है तो इस खबर के पीछे का सच और राजनैतिक फायदे नुक़सान और बदलते समीकरण को लेकर भी चर्चा आम है। बहरहाल ये तो आने वाला समय ही बताएगा पर सियासत में न कुछ असंभव है और न आख़री। ज़िले का सियासी पारा तो गरम है ही। दरअसल खबर धनजंय सिंह से सम्बंधित जो है।

Sunday, 11 September 2016

चकबंदी कर्मचारी संघ के प्रांतीय चुनाव में सुरेन्द्र शुक्ल अध्यक्ष, सलभ श्रीवास्तव महासचिव निर्वाचित।

लखनऊ। चकबंदी कर्मचारी संघ (मिनिस्टीरियल) के प्रांतीय अधिवेशन/चुनाव में सुरेन्द्र शुक्ल अध्यक्ष तथा सलभ श्रीवास्तव महामंत्री निर्वाचित घोषित किये गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के लगभग हर जनपद से प्रतिनिधियों ने महाराजा अग्रसेन इण्टर कॉलेज मोतीनगर निकट चारबाग़ के सभागार में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। सैकड़ों की संख्या में आये संघ के सदस्यों में उत्साह था उमंग थी कि वर्षो से निष्क्रिय संग़ठन का पुनर्गठन हो रहा है। तथा अब पूर्व की भांति प्रांतीय पदाधिकारी मनमानी नहीं कर सकेंगे और न ही संगठन को निजी जागीर समझेंगे। सुरेन्द्र शुक्ल उन्नाव से तथा सलभ बाराबंकी में कार्यरत हैं। अधिवेशन में उपस्थित कर्मियों ने चुने हुये पदाधिकारियों को फूल मालाओं से लाद दिया और जय जयकार के नारों से सभागार गूँज उठा। सुरेन्द्र शुक्ल और सलभ ने सयुंक्त रूप से सदन से वादा किया कि वेतन विसंगत, लिपिकीय ढांचे का पुनर्गठन सहित समस्त समस्याओं के लिए संघर्ष होगा। और हल किया जायेगा।नेता द्वय ने सभी का ह्रदय से आभार व्यक्त किया और सदन का विश्वास बनाय रखने का वादा किया।

Saturday, 10 September 2016

हनुमान गढ़ी से मदरसा गुरैनी तक राहुल गांधी की किसान यात्रा का जनता कनेक्शन, दिखने लगा प्रशांत का जादू।।

हनुमानगढ़ी से जौनपुर के गुरैनी मदरसा तक की राहुल गांधी की किसान यात्रा के जनता कनेक्शन में प्रशांत किशोर की रणनीत का जादू सर चढ़ कर बोलने लगा है। ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में न जोश था न उत्साह और न ही जनता से कोई सीधा जुड़ाव। ऐसे में प्रशांत किशोर की रणनीत ने अप्रत्याशित रूप से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भर दिया है। जो निष्क्रिय थे सक्रिय हो गए। आम जनमानस में कांग्रेस और राहुल की किसान यात्रा चर्चा में है। और राहुल गांधी और किसानो के बीच संवाद ने तो प्रदेश के अन्य राजनैतिक दलों की रातों की नींद उड़ा दी है। किसान यात्रा ख़त्म होते-होते कार्यकर्ताओं में जोश स्थायी रूप ले चुका होगा और नए जुड़ने वाले कार्यकर्ताओं की लंबी कतार। इतना ही नहीं जनता से सीधे संवाद का असर भी प्रदेश की जनता में साफ दिखेगा। और यही प्रशांत किशोर की रणनीत का हिस्सा भी। वैसे भी अगर आप देखें तो लगभग दो दशक से बड़े नेताओं को छोड़ दें स्थानीय सांसद विधायक का जनता से कोई कनेक्शन या संवाद नहीं रहा। बस साम्प्रदायिक और जातीय आधार पर गोलबंदी और जज़्बात के आधार पर वोट लेने की सियासत दिखी है। किसान लगभग 70 प्रतिशत है पर उसकी समस्याओं की अनदेखी का नतीजा आत्महत्या है। और किसानो के क़रीब जाकर उनके दिल का हाल किसी ने न जाना हाँ अपने मन की बात ज़रूर सुनाई गयी है। तो निश्चित रूप से ये प्रयास रंग लाएगा और उत्तर प्रदेश् के चुनावी समीकरण को बदल के रख देगा। पर इसका प्रभाव कितना सीटों में बदलेगा ये तो वक़्त बताएगा। किसान यात्रा के बहाने हिन्दू और मुस्लिम दोनों से जोड़ने की हनुमान गढ़ी से गुरैनी मदरसा तक की कोशिश भी अगर रंग लाई तो बाक़ी सब का बंटाधार तय है।

Friday, 9 September 2016

जब जौनपुर शहर का सामना हुआ भयंकर बदबू और संक्रमण से।

जौनपुर। 9 सितम्बर की सुबह जब शहर जौनपुर के उत्तरी इलाके के लोगों ने सुबह-सबेरे घर से बाहर क़दम रखा तो चाहरसू चौराहा ,किले के आसपास , तथा सदभावना पुल के दोनों छोर तक स्लाटर हाउस के मलवे की बदौलत इस क़दर बदबू की नागरिकों का आना जाना दुशवार था। किसी तरह लोग नाक पर रुमाल रख अपना रास्ता तय कर रहे थे। जो ज़्यादा संवेदनशील थे उनका उलटी से बुरा हाल था। शहर का एक बड़ा हिस्सा बदबू और संक्रमण की भेट चढ़ चुका था। तभी नागरिक अधिकारों के प्रति सजग और संघर्षत जौनपुर संघर्ष मोर्चा ने सोये हुये प्रशासन को नींद से जगाया और दर्जनों पदाधिकारियों के साथ नगर पालिका पहुँच कर अधिशाषी अधिकारी से रोष प्रकट करते हुये। उनको उनके कर्तव्य का एहसास कराया। तब जाकर नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया और आनन् फानन में करवाई शुरू कर दी। मोर्चा ने पत्रक देकर प्रशासन को आगाह करते हुये भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए चेतावनी भी दिया। मोर्चा ने पूरे शहर में अतिक्रमण के मलवे से उत्पन्न गन्दगी और जलजमाव से नागरिकों को निजात दिलाने सहित शहर की कई समस्याओं की तरफ ईओ का ध्यान आकृष्ट कराया। मोर्चा के पदाधिकारियों का नेतृत्व मोर्चा के प्रमुख सुभास कुशवाहा, सतवंत सिंह, महेश सेठ, आकिल जौनपुरी आदि कर रहे थे।